जब अकेला होता हूँ .................
\\ आदेश अभिमंन्यु (आदेश सिंह राठौर ) का ब्लॉग //
Friday, December 20, 2013
"AAP" ने फेरा झाड़ू
Wednesday, May 29, 2013
What Is LoL....?
Sunday, April 21, 2013
ये अंकल गन्दे है। मां कि आत्मा भी कह रही होगी……. मेरी बिटिया…….. एक बार तू पुकार दे कलेजे से लगा लूंगी तुझको।
-आदेश सिंह
Thursday, May 10, 2012
Sunday, February 26, 2012
Friday, October 14, 2011
दुनिया तेरे हुस्न पे मरती है ,तो हम भी कौनसे कम है ।
लोगो का प्यार जहा पे ख़तम होता हैवहा से बस हम ही हम है॥
वो किसी के चेहरे की मुस्कुराहट याद है मुझे।
वो शाम होते ही किसी का छत पे इंतजार करना याद है मुझे।
वो किसी के लिए तैयार होके घंटो छत पे टहलना याद है मुझे।
उनके आते ही बेसब्ब्री से निहारना और दिल का जोर से धडकना याद है मुझे।
नज़रे मिलते ही एक टुक्क देख के नजरो का झुकना फिर उठाना याद है मुझे।
उनके बाते सुनके उसमे खोना और सब कुछ ठहर सा जाना याद है मुझे।
घरो के सामने चक्कर लगाना और उनके एक झलक की आस लगाना याद है मुझे।
उनके साथ पूरा जीवन बिताने की तमन्ना और बहाने ढूंढ कर उनसे मिलना याद है मुझे।
आदेश अभिमंन्यु




