जनता ने जिस प्रकार का
जनादेश दिल्ली में दिया उससे यह तय हो गया की जनता तीसरे विकल्प की तलाश में है वही
हमें दिल्ली विधानसभा के चुनाव में देखने को मिला, वाकई दिल्ली चुनाव में जिस
प्रकार से आम आदमी पार्टी को भारी जनादेश मिला है, उससे एक बात तो तय है कि जनता
अपनें मौज़ूदा सरकार से बेहद ही ख़फा है, और वह किसी भी सूरत में फिर से उसी पार्टी को मौका नही देना चाहती है। और जिस
प्रकार से कांग्रेस को AAP ने पटखनी दी है, उससे उबरने के लिए कांग्रेस को वक़्त
लगेगा, और लोकसभा चुनाव नज़दीक होने कि वजह से कांग्रेस के पास समय नही है, लेकीन
हार हुई तो उसकी वजह की तलाश में कांग्रेस जुट गई है।
आख़िरकार दिल्ली में कांग्रेस कि हार का कारण क्या है हम आपको बताते है सबसे
बड़ा कारण है, चुनाव से पहले की महंगाई। दिल्ली में जिस प्रकार से चुनाव के ठीक
पहले सब्जीयो के दाम सैकड़ा पार कर रहे थे। उससे जनता के अन्दर गुस्सा बढ़ता गया। और
लगातार महंगाई को लेकर कांग्रेस के बेतुके बयानो ने आग में घी डालने का काम किया,
कांग्रेस के बयानो से ये लगने लगा था कि वो बेशर्म हो गई है। जब भी दिल्ली कि
मुख्यमंत्री शीला दीक्षित से महगांई,महिला सुरक्षा,बिजली के बढ़ते बिल के बारे पूछा
जाता तो वो केवल सवालो से भागती नज़र आ रही थी, यह जताती नज़र आती कि उनके हाथ में
कुछ नही है और जनता के बीच शीला दीक्षित और कांग्रेस की
साख गिरती जा रही थी और इसी का नज़ारा दिल्ली विधानसभा चुनाव में दिखाई पड़ा। और
अब यह साफ नज़र आने लगा है कि कांग्रेस कि 2014 के लोकसभा चुनावो में क्या हालत होने वाली
है।

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