Friday, December 20, 2013

"AAP" ने फेरा झाड़ू


 
 
जनता ने जिस प्रकार का जनादेश दिल्ली में दिया उससे यह तय हो गया की जनता तीसरे विकल्प की तलाश में है वही हमें दिल्ली विधानसभा के चुनाव में देखने को मिला, वाकई दिल्ली चुनाव में जिस प्रकार से आम आदमी पार्टी को भारी जनादेश मिला है, उससे एक बात तो तय है कि जनता अपनें मौज़ूदा सरकार से बेहद ही ख़फा है, और वह किसी भी सूरत में फिर से उसी  पार्टी को मौका नही देना चाहती है। और जिस प्रकार से कांग्रेस को AAP ने पटखनी दी है, उससे उबरने के लिए कांग्रेस को वक़्त लगेगा, और लोकसभा चुनाव नज़दीक होने कि वजह से कांग्रेस के पास समय नही है, लेकीन हार हुई तो उसकी वजह की तलाश में कांग्रेस जुट गई है।

आख़िरकार दिल्ली में कांग्रेस कि हार का कारण क्या है हम आपको बताते है सबसे बड़ा कारण है, चुनाव से पहले की महंगाई। दिल्ली में जिस प्रकार से चुनाव के ठीक पहले सब्जीयो के दाम सैकड़ा पार कर रहे थे। उससे जनता के अन्दर गुस्सा बढ़ता गया। और लगातार महंगाई को लेकर कांग्रेस के बेतुके बयानो ने आग में घी डालने का काम किया,

कांग्रेस के बयानो से ये लगने लगा था कि वो बेशर्म हो गई है। जब भी दिल्ली कि मुख्यमंत्री शीला दीक्षित से महगांई,महिला सुरक्षा,बिजली के बढ़ते बिल के बारे पूछा जाता तो वो केवल सवालो से भागती नज़र आ रही थी, यह जताती नज़र आती कि उनके हाथ में कुछ नही है और जनता के बीच शीला दीक्षित और  कांग्रेस की साख गिरती जा रही थी और इसी का नज़ारा दिल्ली विधानसभा चुनाव में दिखाई पड़ा। और अब यह साफ नज़र आने लगा है कि कांग्रेस कि 2014 के लोकसभा चुनावो में क्या हालत होने वाली है।

Thursday, June 27, 2013

                                                 इतनी सिद्दत से मैने तु्झे पाने की कोशिश कि है।

                                               कि हर ज़र्रे ने मुझे तुमसे मिलाने की साजिश की है।।
 

Wednesday, May 29, 2013

What Is LoL....?


ये लोल क्या ?

मै बताता हूं कि लोल का मतलब क्या है .... कुछ क्षणो में आपके सामने होगी लोल की सच्चाई ... आखिर क्यो कई लोग लोल लिखते है, लोल में ऐसा है क्या जो लोग इस पर मर मिटने के लिए तैयार है,,
लोल नाम कि ये प्रजाती आती कहां से सब कुछ आप के सामने शीशे के जैसा साफ होगा क्यूं की लोल जैसे डबल मीनिंग शब्द का खुलासा हम करेंगे।

कई लोग ऐसे भी है जो इस लोल नाम के ‘’सेंड्रोम’’से ग्रस्त है, ग्रस्त क्यो न हो ,,, ये लोल नाम का जानवर उन वैले टॉइप के लोगो की देन है जो बड़े ही फेसबुकिया मिजाज़ के है,,,अब आप कहेंगे की ये वैले किसे कहते है ,,ये वैलो की तुलना आप मुझसे कर सकते है,,जो कुछ काम धंधा नही करते और अगर आप मुझे दिन भर फेसबुक इस्तेमाल करते देखेंगे तो मै बड़ा फेसबुकिया कहलाउंगा।

तो आप लोगो ने वैले और फेसबुकिया का मतलब जान ही लिया होगा,,, लेकिन लोल अभी भी अबूझ है, होगा भी क्यू नही... लोल ही तो है ,,, खैर हम आप को बताते है की लोल नाम का शब्द इतना बड़ा रहस्य क्यों बना हुआ है। इस रहस्य से पर्दा हम ही उठाएंगे क्योकि जब हमने इस लोलवा को इतना बढ़ावा दिया है, तो इसका खुलासा करना भी हमारा फर्ज़ बनता है, अब आप कहेंगे की दुनियाभर की पंचायत इसने कर ली पर लोल का मतलब नही बताया।

बताते है जनाब थोड़ी सब्र रखिए,, बड़े बूढ़ो ने कहां है की सब्र का फल कड़वा होता है, oh SORRY मेरा मतलब फल मीठा होता है लेकिन इस बात से इनकार भी नही कर सकते की आजकल के फल कड़वे आने लगे है,, बहरहाल हम आपका ध्यान लोल पर केंद्रित करते है, तो दोस्तो अब हम वो रहस्य खोलने जा रहे जिसका कबसे इंतज़ार था आप सबको,,,, अब समय आ गया है ख़ुलासे का..

अपना दिल थाम के बैठिएगा ,,,,

लोलका मतलब है………….. लोल ..

देखिए गाली मत दीजिएगा ,,, लोल भी किसी गाली से कम. नही लगता ... खैर बॉय बॉय...

लोलवाते रहो.....LOL

टाइमपास नही हो रहा था इस लिए लिख दिया... आपका भी टाइमपास हो जाएगा...

Written by adesh singh

 

Sunday, April 21, 2013

 
वो कितना तड़पी होगी, वो कितना रोई होगी, वो चीखना चाहती थी! पर उस मासूम को अपने दर्द पर चीखने भी नही दिया उन वहसियो ने। वो भी दुसरे बच्चो के साथ खेलना चाहती थी। उसे खेल ही तो लगा होगा…… जब उसे नोंचने ले गए थे कलयुगी राक्षस। उसने तो मां को भी पुकारा होगा।  कहां होगा…… मां ये क्या हो रहा है मेरे साथ...
कहां हो मां…. हमेशा मुझे ढ़ूंढ़ लेती तुम….    पर आज……?  ये अंकल……….
  ये अंकल गन्दे है। मां कि आत्मा भी कह रही होगी……. मेरी बिटिया…….. एक बार तू पुकार दे कलेजे से लगा लूंगी तुझको।
                                                                                         -आदेश सिंह