Friday, October 14, 2011


दुनिया तेरे हुस्न पे मरती है ,तो हम भी कौनसे कम है

लोगो का प्यार जहा पे ख़तम होता हैवहा से बस हम ही हम है॥

वो किसी के चेहरे की मुस्कुराहट याद है मुझे।

वो शाम होते ही किसी का छत पे इंतजार करना याद है मुझे।

वो किसी के लिए तैयार होके घंटो छत पे टहलना याद है मुझे।

उनके आते ही बेसब्ब्री से निहारना और दिल का जोर से धडकना याद है मुझे।

नज़रे मिलते ही एक टुक्क देख के नजरो का झुकना फिर उठाना याद है मुझे।

उनके बाते सुनके उसमे खोना और सब कुछ ठहर सा जाना याद है मुझे।

घरो के सामने चक्कर लगाना और उनके एक झलक की आस लगाना याद है मुझे।

उनके साथ पूरा जीवन बिताने की तमन्ना और बहाने ढूंढ कर उनसे मिलना याद है मुझे।

आदेश अभिमंन्यु

1 comment:

  1. वाह क्या बात है आदेश जी ..

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